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स्वर्ग का अनुभव

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कामिनी है और मेरी उम्र 31 साल है और में आज अपना भी एक सच्चा सेक्स अनुभव आप सभी से शेयर करने जा रही हूँ. मुझे इस पर पढ़ने के लिए बहुत अच्छी अच्छी कहानियाँ मिलती है और वो मुझे अच्छी भी लगती है. दोस्तों में एक सरकारी लड़कियों के कॉलेज में टीचर हूँ, लेकिन दोस्तों मैंने अभी तक अपनी शादी नहीं की क्योंकि मेरे माता पिता के बीच में हमेशा किसी ना किसी बात को लेकर बहुत लड़ाई झगड़े होते थे. जिसको देखकर में सोचती थी कि मेरा पति भी मुझसे इस तरह से हमेशा लड़ता झगड़ता रहेगा? और इस काम को करने की मेरी बिल्कुल भी इच्छा नहीं होती थी और फिर मेरी नौकरी के बाद मुझे मेरा गाँव नहीं मिल पाया इसलिए भी मुझे अपने शादी के निर्णय को वहीं पर छोड़ना पड़ा.

फिर उसके कुछ समय के बाद मेरे माता पिता का देहांत हो गया और अब मेरे घर में बस मेरा एक भाई और भाभी थे. कुछ समय बाद भैया को पिताजी की नौकरी मिल गई और वो अपनी जगह पर सेट हो गया और अब मुझे अकेले दूसरे शहर में रहना पड़ा. यहाँ पर मुझे खाना पकाने और कपड़े धोने की बहुत परेशानी थी इसलिए मेरे साथ की एक टीचर ने मुझे रज्जो से मिलवाया.

उसकी उम्र लगभग 27 साल होगी. वो मेरे लिए खाना पकाने और साफ सफाई का काम और कपड़े भी धोने का काम भी वहीं करने लगी थी. फिर कुछ समय बाद मुझे उससे बातों ही बातों में पता चला कि उसके पति ने उसे कुछ समय पहले एक छोटी सी बात के लिए छोड़ दिया था, सिर्फ़ इसलिए कि वो कभी भी माँ नहीं बन सकती थी. वो मेरे पास नवम्बर पहले सप्ताह के पहले रविवार को घर पर आई थी और उसके एक दिन पहले वो मुझसे अपने काम करके की बात करके गई थी.

में उस समय बहुत गहरी नींद में सो रही थी. उस समय करीब सुबह के दस बजे थे और उसके पास हमेशा मेरे घर की एक चाबी रहती थी इसलिए वो दरवाजा खोलकर अंदर आ गई और फिर वो अंदर आकर चुपचाप अपना काम करने लगी और जब मेरी आंख खुली तो में समझ गई कि वो आ चुकी है. मैंने उसे आवाज़ दी और वो हाँ दीदी कहते हुए अंदर आ गई. दोस्तों में यह बात तो आप सभी को बताना ही भूल गई कि में शुरू से ही फ्री होकर सोती थी. घर पर बिल्कुल ढीली मेक्सी और जब अकेले रहने लगी तो एक छोटी सी कुरती और अंडर गारमेंट्स बस ब्रा के अलावा कुछ भी नहीं. वो अंदर आकर मुझे देखती ही रह गई.
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मेरा शरीर सांवला है और उस पर वो मलमल की कुरती जिससे मेरा पूरा शरीर दिखाई दे रहा था और अब उसने मुझसे आँखे चुराई तो मैंने कहा कि अरे तुम इतना शरमा क्यों रही हो. कोई औरत किसी औरत से कभी शरमाती है क्या? तो वो बोली कि नहीं दीदी मुझे लगा कि हो सकता है कि आपको मेरा अचानक बिना पूछे अंदर आ जाने का तरीका बहुत बुरा लगेगा. तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं अच्छा अब जल्दी से मेरे लिए एक कप चाय बनाकर ले आओ क्योंकि मुझे आज बेड टी पीना है. फिर वो मेरे लिए एक गरमा गरम चाय बनाकर ले आई. में इतनी देर और आराम कर रही थी. फिर जब वो मेरे लिए चाय बनाकर अंदर आई तो मैंने कुछ देर बाद उससे कहा कि तू मुझे किसी मालिश वाली से मिलवा दे क्योंकि आज कल मेरे शरीर में बहुत दर्द रहता है.

तभी उसने मुझसे कहा कि दीदी मालिश तो में भी बहुत अच्छी तरह से करना जानती हूँ क्योंकि मैंने कुछ दिन पहले एक ब्यूटीपार्लर में झाड़ू पोछे का काम किया था और वहीं पर मैंने मसाज भी करना सीखा था. मुझे मेरी वहां की मालकिन ने यह सब सिखाया था. मैंने उससे कहा कि वाह यार तू तो बहुत कमाल की चीज़ है चल फिर तू आज से ही से मेरी मालिश शूरू कर दे, मेरे नहाने से पहले तू मेरी मालिश कर देना क्योंकि नहाने के बाद ही में नाश्ता करूँगी.


फिर वो जल्दी से तेल ले आई और उसने मेरे हाथ की मालिश शुरू कर दी और फिर पैरों की और फिर वो पैरों से ऊपर मेरी जांघो की मालिश करने लगी. जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर के अंदर एक अजीब सा एहसास आने लगा. अब मेरी जांघों की मालिश करते करते उसने मेरे दोनों पैरों को अलग करके मेरी चूत पर अपना एक हाथ रखकर चूत के दाने को छेड़ दिया जिसकी वजह से में अचानक से तड़प उठी और मैंने उससे बहुत बार कहना चाहा कि तू यह सब क्या कर रही है? लेकिन मेरी आवाज़ तो अंदर अंदर घुट गई और मेरे मुँह से अब अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईईईईईइ की आवाज़ निकल पड़ी. मेरी सांस अब धीरे धीरे तेज़ हो गई और अब रज्जो ने मेरी चूत के दाने के साथ खेलना शुरू कर दिया और वो एक ही पल में अपने मुँह से मेरी चूत को किस करने लगी. बस फिर क्या था? मेरे मुँह से आह्ह्ह्हह माँ उह्ह्ह्हह्ह की आवाज़ निकल पड़ी और उसने अच्छा मौका देखकर मेरे पेट पर किस कर दिया, जिसकी वजह से में तो एकदम तड़प कर रह गई. मैंने कहा कि आईईईईईईई माँ उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में मर गई, ये तूने क्या किया? और अब वो मेरे पेट को किस करते करते मेरी कुरती को ऊपर करती गई और मेरे बूब्स तक पहुँच गई और फिर उसने मेरी ब्रा को खोलकर मेरी कुरती को उतार दिया.

फिर क्या था? उसने आज मुझे स्वर्ग कैसा होता है ये दिखा दिया. वो अब अपनी सलवार कमीज़ को उतारकर मेरे ऊपर लेट गई और उसने अपनी एक उंगली को मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चूत को बहुत देर तक अपनी उंगली से अंदर बाहर करके चोदा और मेरे बूब्स को बहुत देर तक चूसा. उसने चूस चूसकर मेरी निप्पल को एकदम लाल कर दिया था और मेरी चूत को अपनी उंगली से फैला दिया. फिर में उसके ऐसा करने से एकदम से तड़पने लगी में अपने कूल्हों को ऊपर उठा उठाकर उसकी उंगली को पूरा अंदर लेने की कोशिश करने लगी, लेकिन उसके कुछ देर बाद उसने अचानक से अपने मुँह को मेरी चूत से सटा दिया और फिर क्या था? मुझे ऐसा अनुभव हुआ कि में अंदर ही अंदर एक तरह से आग में जलने लगी थी.

मैंने अपने दोनों हाथों से उसका सर पकड़कर बहुत ज़ोर से अपनी चूत के ऊपर दबा दिया. दोस्तों थोड़ी देर बाद जब में बिल्कुल शांत हुई तो मैंने अपने एक हाथ को चूत के मुहं पर लगाकर महसूस किया कि उस समय मेरी चूत और रज्जो का मुँह दोनों ही एक गरम चिपचिपे से पानी से बिल्कुल गीले थे और में एकदम निढाल होकर पड़ी हुई थी. तभी रज्जो मुझे नटखट मुस्कुराहट के साथ देखते हुए सीधी बाथरूम की भागी और मुँह धोने लगी. में तब तक स्वर्ग से वापस आ गई थी और मैंने महसूस किया कि मेरी सारी उर्जा उस चिपचिपे पानी के साथ बाहर निकल चुकी थी और अब मेरा बस दोनों आँखे बंद किए हुए पड़े रहने का जी कर रहा था.

फिर कुछ देर बाद रज्जो अपना मुँह धोकर कमरे में आई और बोली कि दीदी यह तूफान कैसा था? तो मैंने धीरे धीरे अपनी आँखे खोली और कहा कि मैंने आज तक ऐसी मालिश कभी किसी से नहीं करवाई है. वो बोली कि अब आप थोड़ा जल्दी से उठकर नहा लो. फिर में आज तुम्हें स्पेशल परांठे के साथ नाश्ता करवाउंगी. मैंने कहा कि मुझसे अब उठा ही नहीं जा रहा है. मेरी सारी उर्जा तो तूने बाहर निकाल दी है और फिर कुछ देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद में उठी और नहाने के लिए बाथरूम में चली गई और जब में नहाकर वापस आई तो रज्जो ने मुझे स्पेशल परांठा और गोभी की सब्जी के साथ नाश्ता करवाया, लेकिन जो सुख आज उसने मुझे दिया था वो तो बहुत ही अलग था.

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