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Aunty ke bur mei lund dala रशिया में आंटी की चुदाई

हेलो मेरा नाम शेखर है और बात उस समय की है. जब मैं रूस में स्टडी के लिए गया हुआ था. उस समय मेरी उम्र २१ साल थी और वहां मुझे रहने के लिए घर की जरूरत थी. इसलिए, मैं घर की तलाश में घूम रहा था और फाइनली, मुझे एक घर मिला जो एक पोश इलाके में था. उस घर में एक अंकल जिनका नाम फ्रांस्सिको और आंटी एश्लिन रहते थे. आंटी की उम्र ३८ साल थी और उनकी एक बेटी एमिली, जिसकी उम्र १९ साल थी रहते थे. वहां, मुझे एक कमरा किराये पर मिल गया. तो मैं डेली कॉलेज जाता था. जो वहां से एक किमी की दुरी पर था. अंकल को पैरालिसिस था और वो व्हीलचेयर पर रहते थे और उनकी लड़की होटल मैनेजमेंट की तैयारी कर रही थी और एश्लिन आंटी पहले जिम ट्रेनर थी.
लेकिन, ४ साल से उन्होंने वह काम छोड़ दिया था. आंटी का फिगर काफी मस्त था और रशियन होने के कारण वो काफी गोरी तो थी ही. लेकिन, साथ में उनके बूब्स बड़े और शेप में थी. उनकी गांड काफी बड़ी थी. वो सभी मुझे एक फॅमिली मेम्बर की तरह मानते थे और अंकल का एक रेस्टुरेंट था.

जो अब उनकी बेटी संभालती थी और वो मुझसे काफी फ्रेंकली रहती थी और आंटी भी. मैं एमिली के साथ बहुत सी बार सेक्स कर चूका था. लेकिन, मुझे आंटी के साथ भी सेक्स करना था. एमिली अपने ट्रेनिंग टूर के लिए सिटी से बाहर कुछ दिनों के लिए चली गयी थी. तो मैं उसलिये उन दिनों कॉलेज नहीं जाता था और आंटी को चोदने की कोशिश में लगा हुआ था. अंकल अपने रूम में ही रहते थे. एश्लिन आंटी मुझे रोज़ सुबह ब्रेकफास्ट के लिए मेरे कमरे में बुलाने आती थी. तो उस दिन, मैं कमरे में नंगा हो गया और अपने लंड को खड़ा कर लिया और मैंने गेट की कुण्डी नहीं लगायी. मैंने देखा, आंटी मेरे कमरे की तरफ आ रही थी. मैं चेयर पर बैठ कर मुठ मारने लगा. मैं पूरा नंगा था. एश्लिन आंटी कमरे में आई. लेकिन, जैसे ही उन्होंने मुझे देखा. वो कुछ बोलते- बोलते रुक गयी और मुझे देखती ही रह गयी. वो फिर बोली – ब्रेकफ़ास्ट इस रेडी. कम व्हेन, यू बिकम फ्री और मुस्कुराकर वापस चली गयी.

मेरा काम हो चूका था. मैंने कपड़े पहने और डाईइंग रूम में चले गया. अब आगे एश्लिन आंटी की बात भी हिंदी में ही लिखूंगा. टेबल पर जाते ही, आंटी ने कहा – जब भी कुछ प्राइवेट काम करो, तो तुम्हे रूम को लॉक कर लेना चाहिए. मैंने कहा – आंटी ओके. आगे से ध्यान रखूँगा. फिर आंटी ने कहा – एमिली यहाँ नहीं है, तो तुम मेरा एक काम कर दोगे, प्लीज? मैंने कहा – हाँ, आप मुझे काम बता दो. उन्होंने कहा – तुम्हारे अंकल की देखभाल के लिए तुम रात को हमारे ही बेडरूम में सो जाना, जब तक एमिली वापस नहीं आती है. मैंने सोचा, ये बिल्ली के भाग से चिका टूट गया. तो मैंने उनको हाँ कर दी. उसी रात को हम डिनर करके बेडरूम में चले गये और आंटी हम दोनों के बीच में सोयी हुई थी. एक घंटे बाद, लगभग १२ बजे; मैंने देखा कि आंटी सो चुकी थी. मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके आंटी के ब्रेअट्स पर हाथ रखा. वो सोई हुई थी और उन्हें पता नहीं चला. फिर मैंने उनके बूब्स थोड़े से दबाये और मेरा लंड अब खड़ा होने लगा था.

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आंटी ने नाईटइ पहनी हुई थी और ब्रा नहीं पहनी थी. मैंने उसमे हाथ घुसाया और उनके निप्पल को मसलने लगा. वो फिर भी नहीं जागी, तो मैंने उनके दोनों बूब्स को दबा दिया. उन्होंने करवट बदल दी और अब उनकी गांड मेरी तरफ थी. मैंने झट से अपना हाथ हटा लिया. फिर मैंने अपना एक हाथ आंटी की गांड पर रख दिया. अब मैंने अपने हाथ उनकी चुतड पर रख दिए और उसको दबाने लगा. उन्होंने कुछ भी रियेक्ट नहीं किया. अब मेरी हिम्मत बढ़ने लगी थी और मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनकी गांड की दरार में रगड़ने लगा. फिर मैंने उनकी नाईटई को धीरे- धीरे ऊपर सरकाया और अब उनकी बड़ी चिकनी गांड नंगी हो गयी थी. मैंने एक हाथ से धीरे से उनकी पेंटी को नीचे सरकाया और अब वो नीचे से नंगी हो गयी थी. मेरा लंड फड़क रहा था. मैंने अपनी चड्डी उतार दी और मैं भी नीचे से नंगा था. मैंने एक ऊँगली धीरे से उनकी चूत में डाल दी. मैंने अपनी ऊँगली को उनकी चूत में ८-१० बार अन्दर बाहर किया. पर आंटी अभी भी नहीं जागी थी.

अब तो लंड घुसना ही था. मैंने अपना लंड धीरे- धीरे उनकी चूत में घुसाना चालू किया. लेकिन, पोजीशन में थोड़ी दिक्कत आ रही थी. आंटी नीद में ही थोडा सा हिली और गांड मेरी ओर उभर गयी. मुझे अब लगने लगा था, कि वो भी चाहती है, कि मेरा लंड उनकी चूत में घुस जाए. मैंने फिर से कोशिश की और अब लंड आराम से घुस गया. मैं पहले लंड को धीरे- धीरे घुसा रहा था. लेकिन, जब मैं और एक्साइट हुआ; तो मैंने झटके तेज मारने शुरू कर दिए. आंटी उन झटको की स्पीड से पूरी तरह से हिल रही थी, लेकिन जागने का नाम नहीं ले रही थी. मैंने उनकी नाईटई को उनके सीने तक ऊपर कर दिया और उनकी पेंटी को पूरा उतार दिया. ऊपर से नाईटई को और नीचे करके उनके बूब्स बाहर निकाल दिए. मैंने अपने सारे कपडे उतार दिए. अब मैं पूरा नंगा था और आंटी भी लगभग पूरी ही नंगी थी. मैं आंटी से पूरा चिपक गया और उनको पीछे से पकड़ कर चोद रहा था. मैं उनके बूब्स जोर से दबा रहा था. उनको चोदते- चोदते मेरा वीर्य उनकी चूत में ही निकल गया.

मैं अब डर रहा था और मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी की नाईटई ठीक करने ही वाला था, कि आंटी की नीद खुल गयी. मैंने अपनी आँखे झट से बंद कर ली. पर मैं बेड पे नंगा ही पड़ा हुआ था. आंटी खड़ी हुई और मून लाइट ओं की और उन्होंने अपनी नाईटई ठीक की और चड्डी पहन ली. उन्होंने मेरी ओर देखा. मैं तो बेड पर नंगा ही पड़ा हुआ था. मैं ये सब अपनी आधी खुली आँखों से देख रहा था. फिर उन्होंने अंकल की और देखा. वो नीद की गोलिया लेकर सोये हुए थे. आंटी ने लाइट बंद की और बाथरूम में चली गयी. तब मैंने झट से अपने कपड़े पहन लिए. आंटी बाथरूम से वापस आई और बेड पर लेट गयी और सो गयी. अगली सुबह मुझे आंटी ने सुबह ६ बजे जगा दिया. मैं अपने रूम में चले गया और ८ बजे ब्रेकफ़ास्ट के टाइम पर जब आंटी नहीं आई, तो मैं खुद ही चले गया. मैंने देखा, आंटी वहां थी ही नहीं. मैंने आवाज़ दी. पर कोई रिप्लाई नहीं आया. तो मैंने उन्हें ढूँढना शुरू किया. मैं जब बाथरूम की तरफ गया. बाथरूम का दरवाजा बंद था, लेकिन उसकी कुण्डी नहीं लगी हुई थी.

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मैंने थोडा खोलकर देखा, आंटी नहाने की तैयारी कर रही थी और उन्होंने अपनी नाईटई उतार दी थी. अभी मैंने उनका फिगर पहली बार देखा. क्या मस्त था. जिम ट्रेनर होने के कारण, वो बिलकुल फिट थी. वो पूरी नंगी थी. उनके बूब्स ३६ के गोरे और मोटे एकदम शेप में थे और उनपर पिंक कलर के निप्पल मस्त थे. कमर २६ और गांड लगभग ३८ की मोटी और भरी हुई थी. वो बाथटब में पानी भरकर उसमे चली गयी और अपनी दोनों टाँगे फैलाकर लेट गयी. उनकी चूत पिंक थी और क्लीन शेव. वो अब अपनी चूत को रगड़ रही थी और वो क्लाइटोरिस को मसल रही थी. उन्होंने अपने एक हाथ से अपने एक बूब को दबाया हुआ था. मैं इस मौके का फायदा उठाना चाहता था और मैं भाग कर कमरे में गया और नंगा होकर अपने को टॉवल में लपेट लिया. फिर मैं तेजी से बाथरूम में घुस गया. आंटी अभी भी अपनी चूत रगड़ रही थी. उन्होंने मुझे देखा और खड़ी होकर अपने आपको हाथ से छिपाने लगी. मैंने अपने हाथ से टॉवल पकड़ रखा था. उनको देखकर, मैंने अपनी आँखों को अपने हाथ से बंद करने का नाटक किया और टॉवल को छोड़ दिया.

अब मैं आंटी के सामने नंगा था. आंटी भी नंगी थी. मैंने आंटी से कहा – सॉरी. मैं नहाने आया था और मैं बाहर जाने लगा. आंटी ने कहा – रुको. एक काम करो, तुमने सब देख ही लिया है. तो मेरी पीठ पर साबुन लगा दो. मैंने साबुन लिया और पीठ पर लगाने लगा. हम दोनों ही नंगे थे. मैंने आंटी के एक्साइट होने का फायदा उठाया और धीरे- धीरे हाथ नीचे ले गया इर उनके कुल्हो पर साबुन लगाने लगा. मेरा लंड खड़ा हो चूका था और मैंने उनके पीछे लंड को टच करना शुरू किया. उन्होंने कुछ नहीं कहा और मैंने हिम्मत दिखाई और उनके बूब्स पर साबुन लगाना शुरू किया और धीरे- धीरे से दबाने भी लगा. वो कुछ भी नहीं कह रही थी. मैं अब तब में घुस गया. मैंने देखा आंटी अपनी चूत रगड़ रही थी. मुझे देखकर आंटी ने झट से अपना हाथ हटा लिया. मैंने उनके बूब्स पर फिर साबुन लगाना शुरू कर दिया. फिर मैंने अपने एक हाथ से अपना लंड पकड़ा और मुट्ठी लगाने लगाऔर आंटी मुझे देख रही थी और उन्होंने कहा – क्या हुआ?

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मैंने कहा – कुछ नहीं. ये खड़ा हो गया है. ठंडा करना पड़ेगा. वो मेरी बात सुनकर हँसने लगी. उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा और उसको हिलाने लगी. उन्होंने मुझसे पूछा – ऐसे ठीक है. मैं भी हंस दिया और आंटी ने कहा – तुमने कल रात को जो शरारत की है, वो मुझे पता है और तुम बार- बार मुझे लंड दिखाते हो. मैं सब जानती हु. तुम मुझे चोदना चाहते हो. मैंने कहा – हाँ. फिर आंटी ने कहा – ४ साल से मैं भी चुदाई की भूखी हु. लगता है आज मेरी भूख मिटेगी और ये कहते हुए, उन्होंने मेरा लौड़ा अपने मुह में ले लिया और चूस- चूस कर निकाल दिया. वो नहा धो के बाहर निकल गयी और कहा – तुम भी जल्दी से नहा के आ जाओ. अमिने नहाकर अपने रूम में चले गया. वहां आंटी लेती हुई थी. मेरे पहुचते ही, आंटी ने अपना गाउन उतार दिया और नंगी हो गयी. फिर उन्होंने घोड़ी बनकर अपनी चूत मेरे सामने फैला के लेट गयी. ये उनकी तरफ से चुदाई का इनविटेशन था. मैं भी कुत्तो की तरह उनपर चढ़ गया और उनको कुतिया की तरह चोदने लगा.

चूत में लौड़ा घुसते ही, वो अहहहः ऊऊउह्ह्ह यायायायाया .. ऊऊओ… ओह माय गॉड…उम्म्म्मम्म करने लगी. ये आवाज़े सुनकर, मैं और भी जोर से चुदाई करने लगा. फिर मैंने उनकी गांड में अपना लंड घुसाया और फिर से अहहहः अहहह्हा फक मी, फक मी, फक मी प्लीज, फक थी बिच्च उम्म्म्मम्ह्ह्ह फक हार्डर…डीपर .. चिल्लाने लगी. उस दिन आंटी को मैंने ३ बार चोदा और जब भी एमिली बाहर जाती. आंटी मुझसे चुदाई करवा लेती थी. ये बात, मैंने आज तक एमिली को नहीं बताई और ना ही आंटी को एमिली के बारे में बताया.

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